कारे सिंह पहलवान जी हिन्दुस्तान के अजय हिन्द केशरी..
भरतपुर के गाँव कौंरेर में एक शेर जाट का जन्म हुआ,
7 फ़ुट 1 इंच उसकी लम्बाई थी, उन्हें बचपन से ही पहलवानी करने का जुनून था, और पहलवानी करते करते हिन्द केशरी बन गये और हिन्द केशरी बनने के बाद दुनियां में देश विदेश की बड़ी और रोमांचक 57 कुश्तियों में हिस्सा लिया और हर कुश्ती में जीत हासिल करके हिन्दुओं का नाम रोशन किया,
बडे बुजुर्ग बताते है कि कारे पहलवान जी जब दन्गल में प्रवेश करते थे तो शेर की तरह दहाडते थे, जिससे आसपास के पेडो से पंछी उड जाते थे और सामने वाले पहलवान के पसीने छूट जाते थे!
एक बार हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में एक भव्य दंगल का आयोजन हुआ था, जिसमें पाकिस्तान के लाल वेग नाम के मुसलमान पहलवान ने उस दंगल में हिस्सा लिया और भरे दंगल में सभी हिन्दू राजाओं और पहलवानों को ललकारा और कहा कि हिन्दुस्तान में कोई भी हिन्दू पहलवान मुझसे लड कर दिखाये, और मुझे हरा कर दिखाये, तो मैं पहलवानी छोड दूँगा !
तब शिमला में भरतपुर के राजा ब्रजेन्द्र सिंह जी भी थे, और उन्हें इस बात पर बहुत गुस्सा आया, तब उन्होनेे हिन्दुओ के हुए अपमान का बदला लेने के लिए वीर पहलवान कारे सिंह जी के पास संदेश भेजा ओर सारी बात बतायी..
लेकिन उस वक्त कारे पहलवान जी की उम्र भी बहुत हो गयी थी, जिस वजह से उन्होंने 3 साल पहले ही कुश्ती छोड दी थी, फ़िर भी अपने महाराजा और हिन्दूओ पर गिरी गाज को बचाने के लिए कारे पहलवान जी उसी समय शिमला के लिए रवाना हुए, और अगले दिन उस भव्य दंगल को देखने के लिए एक बहुत ही बड़ी भीड उमड पडी!
इस रोमांचक दंगल में पाकिस्तान का मुसलमान लालवेग हमारे शेर कारे पहलवान जी के सामने 4 मिनट भी नहीं डट पाया और शर्मसार होकर वापिस पाकिस्तान भाग गया, इस प्रकार हमारे वीर पहलवान कारे सिंह जी ने हिन्दुओं का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया !!!


